दोस्तों आज सेबी(SEBI) क्या है ? Full Details in Hindi के इस लेख में हम SEBI Meaning in Hindi, SEBI का Full Form, अध्यक्ष की नियुक्ति अधिकार तथा शक्तियों के बारे में विस्तार से जानेंगे | भारत में शेयर बाज़ार का रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड है जिसे हम SEBI-Securities and Exchange Board of India के नाम से जानते है | इसका मूल लक्ष्य प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज़) में निवेश/ट्रेड करने वाले निवेशकों/ट्रेडरों के हितों का संरक्षण करना है |
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड – SEBI) की आवश्यकता क्यों पड़ी
शेयर बाज़ार में निवेशक हो या ट्रेडर सभी शेयर बाज़ार से किसी न किसी प्रकार से लाभ कमाना चाहते है | और इसी लाभ कमाने के प्रयास में शेयर बाज़ार में कई घोटाले भी सामने आते रहे है | इन्ही घोटाले एक बड़ा नाम हर्षद मेहता घोटाला का भी आता है जिसके घटित होने के बाद सरकार हरकत में आयी तथा सेबी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल, 1992 को वैधानिक दर्जा प्रदान की गयी ।
सेबी का स्थापना (Establishment of SEBI)
ज्यादातर लोग सेबी के स्थापना के वर्ष में कन्फ्यूज रहते है तो आज हम इसे क्लियर कर देते है

सेबी के अध्यक्ष की नियुक्ति(Appointment of sebi chairman)
सेबी के अध्यक्ष को केंद्र सरकार द्वारा नामित/नियुक्त किया जाता है | वर्तमान में सुश्री माधबी पुरी बुच सेबी (SEBI) की अध्यक्ष है | सुश्री माधबी पुरी बुच सेबी की पहली महिला अध्यक्ष(SEBI’s First Woman Chairman) है | पुर्व अध्यक्ष अजय त्यागी का कार्यकाल 28 फ़रवरी 2023 को समाप्त होने के बाद सुश्री माधबी पुरी बुच ने अपना पद ग्रहण किया | सेबी के पहले अध्यक्ष डॉ. एस. ए. दवे (dr. S. A. dave) थे, जिनका कार्यकाल 12 अप्रैल, 1988 से 23 अगस्त, 1990 तक था |
सेबी के अध्यक्ष का कार्यकाल(Tenure of SEBI Chairman)
सेबी के अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष या 65 वर्ष में जो भी पहले पूरा हो, तक होता था | लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष से कम कर 3 वर्ष कर दिया गया है | सेबी के वर्तमान अध्यक्ष सुश्री माधबी पुरी बुच को अगले 3 वर्ष के लिए अध्यक्ष नियुक्त किया गया है |
सेबी की संरचना ( Structure of SEBI)
सेबी मुख्य रूप से 9 लोगों का एक टीम है जिसमे एक अध्यक्ष जिसे केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाता है, केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा नामित दो सदस्य, केन्द्रीय रिजर्व बैंक द्वारा नामित एक सदस्य तथा केंद्र सरकार की तरफ से नामित 5 सदस्य होते है |
वर्त्तमान में सेबी के बोर्ड में निम्न व्यक्ति है :–
- सुश्री माधबी पुरी बुच (अध्यक्ष )
- श्री एस . के. मोहान्ती (पूर्णकालिक सदस्य)
- श्री अनन्त बरुआ(पूर्णकालिक सदस्य)
- श्री अश्वनी भाटिया(पूर्णकालिक सदस्य)
- श्री अनन्त नारायण गोपालकृष्णन(पूर्णकालिक सदस्य)
- श्री अजय सेठ (अंशकालिक सदस्य)
- डॉ. मनोज गोविल (अंशकालिक सदस्य)
- श्री एम. राजेश्वर राव (अंशकालिक सदस्य)
- डॉ. वी रवि अंशुमान(अंशकालिक सदस्य)
सेबी के अब तक के अध्यक्षों का कार्यकाल
सेबी के पहले अध्यक्ष डॉ. एस. ए. दवे (dr. S. A. dave) थे, जिनका कार्यकाल 12 अप्रैल, 1988 से 23 अगस्त, 1990 तक था |
1. | डॉ. एस.ए. दवे | 12 अप्रैल, 1988 से 23 अगस्त, 1990 तक |
2. | श्री जी.वी. रामकृष्ण | 24 अगस्त, 1990 से 17 जनवरी, 1994 तक |
3. | श्री एस.एस. नाडकर्णी | 17 जनवरी, 1994 से 31 जनवरी, 1995 तक |
4. | श्री डी.आर. मेहता | 21 फरवरी, 1995 से 20 फरवरी, 2002 तक |
5. | श्री जी.एन. बाजपेयी | 20 फरवरी, 2002 से 18 फरवरी, 2005 तक |
6. | श्री एम. दामोदरन | 18 फरवरी, 2005 से 18 फरवरी, 2008 तक |
7. | श्री सी.बी. भावे | 19 फरवरी, 2008 से 17 फरवरी, 2011 तक |
8. | श्री यू.के. सिन्हा | 18 फरवरी, 2011 से 1 मार्च, 2017 तक |
9. | श्री अजय त्यागी | 1 मार्च, 2017 से 28 फरवरी, 2022 |
10. | माधवी पुरी बुच | 28 फरवरी, 2022 से अब तक |
सेबी का मुख्यालय (SEBI Headquarters)
सेबी का मुख्यालय मुंबई के बांद्रा कुर्ला के काम्प्लेक्स में स्थित है इसके अन्य क्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद, जयपुर, बेंगलुरु सहित अन्य शहरों में भी स्थित है |
सेबी की शक्तियां( Powers of SEBI)
भारतीय पूंजी बाज़ार में निवेशक तथा ट्रेडर ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने के इरादे से आते है | लेकिन आये दिन शेयर बाज़ार में फ्रॉड का मामला सामने आता रहता है | इसे रेगुलेट करने संबधी शक्तियों को निम्न तीन प्रकार से समझा जा सकता है |
अर्ध-विधायी शक्तियाँ (Quasi-Legislative Powers)
सेबी इन शक्तियों के साथ मध्यस्थों या हम-आप जैसे निवेशकों की संरक्षण के लिए नियम कानूनतैयार कर सकता है।
अर्ध-कार्यकारी शक्तियाँ (Quasi-Executive Powers)
सेबी(SEBI) इन शक्तियों का प्रयोग कर किसी भी संदिग्ध मामले में पार्टियों के दस्तावेज तथा अकाउंट का निरीक्षण कर सकती है | जो भी सेबी के नियम – कानून का उल्लंघन करता है उसे यह शक्तियां उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाने की अनुमति प्रदान करता है |
अर्ध-न्यायिक शक्तियाँ (Quasi-Judicial Powers)
जब बाज़ार में कोई धोखाधड़ी या अनैतिक व्यापारिक कारोबार होता है, जो सेबी के कानून द्वारा अवैध माना गया है, तो यह शक्ति सेबी को सुनवाई करने और निर्णय सुनाने का अधिकार देती हैं |
सेबी के प्रमुख कार्य(Major functions of SEBI)
- शेयर बाज़ार में हिस्सा लेने वाली कोई एंटिटी गलत काम न करे |
- स्टॉक ब्रोकर्स और सब ब्रोकर्स नियम के अधीन कार्य करें |
- कंपनियाँ शेयर बाज़ार का इस्तेमाल खुद के फायदे के लिए न करें |
- छोटे-बड़े निवेशकों/रिटेल के हितों की रक्षा हो |
- स्टॉक एक्सचेंज अपना काम सही तरीके से करें |
बड़े निवेशक तथा प्रमोटर जिनके पास पूंजी की कमी नहीं है, वे अपने लाभ हेतु बाज़ार में हेर फेर न कर पाए | इत्यादि
इस लेख से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी
सेबी की स्थापना कब हुआ ?
सेबी की स्थपाना 12 अप्रैल, 1988 को किया गया था जिसे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम-1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल 1992 को वैधानिक दर्जा प्रदान किया गया था |
सेबी के वर्तमान अध्यक्ष कौन है ?
सेबी के अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष या 65 वर्ष में जो भी पहले पूरा हो, तक होता था | लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष से कम कर 3 वर्ष कर दिया गया है | सेबी के वर्तमान अध्यक्ष सुश्री माधबी पुरी बुच को अगले 3 वर्ष के लिए अध्यक्ष नियुक्त किया गया है |
सेबी के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है ?
सेबी के अध्यक्ष की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है | वर्तमान में सुश्री माधबी पुरी बुच सेबी (SEBI) की अध्यक्ष है | सुश्री माधबी पुरी बुच सेबी की पहली महिला अध्यक्ष(SEBI's First Woman Chairman) है | पुर्व अध्यक्ष अजय त्यागी का कार्यकाल 28 फ़रवरी 2023 को समाप्त होने के बाद सुश्री माधबी पुरी बुच ने अपना पद ग्रहण किया |
सेबी के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?
सेबी के पहले अध्यक्ष डॉ. एस. ए. दवे (dr. S. A. dave) थे, सेबी के अध्यक्षों के कार्यकाल निम्न है |
1.डॉ. एस.ए. दवे12 अप्रैल, 1988 से 23 अगस्त, 1990 तक, 2.श्री जी.वी. रामकृष्ण24 अगस्त, 1990 से 17 जनवरी, 1994 तक, 3.श्री एस.एस. नाडकर्णी17 जनवरी, 1994 से 31 जनवरी, 1995 तक, 4.श्री डी.आर. मेहता21 फरवरी, 1995 से 20 फरवरी, 2002 तक, 5.श्री जी.एन. बाजपेयी20 फरवरी, 2002 से 18 फरवरी, 2005 तक, 6.श्री एम. दामोदरन18 फरवरी, 2005 से 18 फरवरी, 2008 तक, 7.श्री सी.बी. भावे19 फरवरी, 2008 से 17 फरवरी, 2011 तक, 8.श्री यू.के. सिन्हा18 फरवरी, 2011 से 1 मार्च, 2017 तक, 9.श्री अजय त्यागी1 मार्च, 2017 से 28 फरवरी, 2022, 10.माधवी पुरी बुच28 फरवरी, 2022 से अब तक
सेबी के अध्यक्ष का कार्यकाल कितने वर्षो का होता है ?
सेबी के अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष या 65 वर्ष से जो भी पहले पूरा हो तक होता था | लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष से कम कर 3 कर दिया गया है |
सेबी का पूरा नाम(Full Form) क्या है ?
सेबी का पूरा नाम(Full Form) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड(Securities and Exchange Board of India-SEBI) है |
सेबी का मुख्यालय कहाँ है ?
सेबी का मुख्यालय मुंबई के बांद्रा कुर्ला के काम्प्लेक्स में स्थित है इसके अन्य क्षेत्रीय कार्यालय नई दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद, जयपुर, बेंगलुरु सहित अन्य शहरों में भी स्थित है |
सेबी की स्थापना किस समिति के सिफारिश पर हुआ था ?
सेबी की स्थापना नरसिम्हम समिति के सिफारिश पर हुआ था | सेबी की स्थापना 12 अप्रैल, 1988 को किया गया था, लेकिन इसके पास भारतीय प्रतिभूति बाज़ार को रेगुलेट करने के लिए पर्याप्त शक्तियां नहीं थी, तथा इसे कोई वैधानिक दर्जा भी नहीं प्राप्त था | नरसिम्हम समिति के सिफारिश आधार पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम-1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल 1992 को सेबी को वैधानिक दर्जा प्रदान कर सेबी के शक्तियों का विस्तार किया गया, जिससे वह भारतीय प्रतिभूति बाज़ार पर निगरानी कर उसे रेगुलेट कर सके |
भारतीय शेयर बाज़ार के रेगुलेटर/नियामक कौन है ?
भारतीय शेयर बाज़ार का नियामक/रेगुलेटर सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड-Securities and Exchange Board of India) है |
सारांस(Summary)
दोस्तों आज के इस अध्याय में हम सबने बाज़ार नियामक संस्था सेबी(SEBI) के बारे में अध्ययन किया | दोस्तों, मै आशा करता हूँ कि आपको सेबी(SEBI) क्या है ? Full Details in Hindi लेख पसंद आया होगा | यदि आपके पास इस लेख से सम्बंधित किसी प्रकार का सवाल हो तो कृपया हमें contact@finohindi.com पर मेल कर सकते है | हमें आपके सवालों का इंतजार रहेगा |