रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index (RSI) Full Details in hindi

यदि आप शेयर बाज़ार में कार्य करते होंगे तब आपने शेयर बाज़ार के इंडिकेटर के बारे में तो जरुर ही सुना होगा | शेयर बाज़ार के एक इन्ही इंडिकेटर में एक इंडिकेटर, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स है | आज के इस लेख में हम सब रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index इंडिकेटर के बारे में विस्तार से जानेगे | शेयर बाज़ार के सभी इंडिकेटर एक प्रकार से टेक्निकल एनालिसिस का भाग होता है | ये इंडिकेटर, ट्रेडर को शेयर के चार्ट समझने तथा शेयर की अगली चाल का रुझान पता करने में मदद मिलता है | 

शेयर बाज़ार में कई सारे इंडिकेटर है लेकिन रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index (RSI) इंडिकेटर का प्रयोग सर्वाधिक किया जाता है | तो आईये आज के इस लेख में हम समझने का प्रयास करते है कि आखिर ये रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI) क्या है | इस इंडिकेटर के माध्यम से हमें क्या पता चलता है तथा RSI का प्रयोग कर ट्रेडर किस प्रकार से ट्रेडिंग करते है |

Table of Contents

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index (RSI) Full Details in hindi

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स एक महत्वपूर्ण वित्तीय तकनीकी संकेतक है, जो शेयर बाज़ार में सर्वाधिक प्रयोग किया जाता है | रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडिकेटर की खोज जे वेल्स वाइल्डर( J. Welles Wilder) द्वारा किया गया था | इन्होने इसे अपनी पुस्तक ‘New Concepts in Technical Trading Systems’ बुक के माध्यम से वर्ष 1978 में इसे प्रकाशित किया था | जे वेल्स वाइल्डर( J. Welles Wilder) पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर और तकनीकी विश्लेषक थे |

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index इंडिकेटर में 0 से लेकर 100 तक की एक रेंज बनी होती है | इस रेंज के मध्य में चित्रानुसार एक लाइन घुमती रहती है जो शेयर के कीमत में मजबूती या कमजोरी को दर्शाती है | इनके मध्य में एक 50 के लेवल पर एक सीधी रेखा होती है जिसे मिड लाइन कहा जाता है | ये इंडिकेटर प्राइस एक्शन तथा वॉल्यूम के आधार पर कार्य करते है | तरलता क्या है / Liquidity Meaning In Hindi

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index (RSI) Full Details in hindi

जब किसी कंपनी के शेयर में या इंडेक्स में तेज़ी आती है तथा शेयर की कीमत ऊपर जाने लगती है तब उसका RSI भी ऊपर जाने लगता है | ठीक इसी प्रकार जब कंपनी का शेयर निचे जाता है तब उस कंपनी के चार्ट में RSI का मान भी कम होने लगता है |

जब आप Relative strength Index का एनालिसिस करते हैं, तब यह आपको निम्न सूचनायें प्रदान करता है:-

अधिक खरीदारी ज़ोन (Overbought Zone)

जब किसी कंपनी के शेयर में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स के मध्य में घुमने वाली लाइन का मान 70 से अधिक हो जाता है तब इसका अर्थ है कि पिछले कुछ समय से इस शेयर में लगातार खरीदारी की जा रही है इस कारण से कंपनी का शेयर Overbought अर्थात अत्यधिक खरीदारी वाले जोन(Zone) में आ गया है |

इस लेवल में एंट्री के बाद एक समझदार निवेशक कंपनी के शेयर में खरीदारी करने से बचता है | लेकिन जब चार्ट में RSI का मान 80 के ऊपर चला जाता है तब ट्रेडर बिकवाली के मौके तलाशने लगते है | ऐसे में वे कैंडलस्टिक पैटर्न या अपने किसी टेक्निकल एनालिसिस के माध्यम से बिकवाली में ट्रेड लेते है तथा मुनाफा बनाते है | डबल टॉप चार्ट पैटर्न

अधिक बिकवाली ज़ोन (Oversold Zone)

जब चार्ट में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स का मान 30 से निचे आ जाता है तब ऐसा माना जाता है कि इस कंपनी के शेयर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बिकवाली की जा रही है | लगातार बिकवाली के कारण शेयर का RSI लगातार गिरता जाता है तथा 30 से भी निचे आ जाता है | 30 के मान से निचे वाले जोन को Oversold Zone कहा आता है |

जब कंपनी का शेयर Oversold Zone में आ जाता है तब ट्रेडर बिकवाली करने से कतराते है | लेकिन एक निवेशक इस ज़ोन में आने के बाद खरीदरी के मौके तलाशने लगते है | जब चार्ट में RSI का मान 20 के निचे आ जाता है तब निवेशक अच्छी फंडामेंटल वाली कंपनी में निवेश करना आरंभ कर देते है, तथा ट्रेडर अपने एनालिसिस के अनुसार खरीदारी में ट्रेड लेने के मौके तलाशने लगते है |

RSI कैसे कार्य करता है?

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI) पिछले 14 दिनों के लाभ तथा हानि के डाटा के आंकड़ो के आधार पर निकाला जाता है | जिस दिन बाज़ार तेज़ होकर बंद होती है उस दिन हरी कैंडल का निर्माण होता है | इस दिन निवेशक को लाभ होता है इस कारण से इसे लाभ के नाम से जाना जाता है | ठीक इसी प्रकार जब बाज़ार मंदा होता है तथा लाल कैंडल का निर्माण हो जाता है इस दिन निवेशक को हानि उठाना पड़ता है अतः इसे हानि कहा जाता है | 

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) का सूत्र / Formula of Relative Strength Index

RSI को ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग किया जाता है | 

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स = 100 -(100 /1+RS)

जहाँ RS का मान पिछले 14 दिनों के औसत लाभ तथा औसत हानि का अनुपात होता है |

पिछले 14 दिनों का औसत लाभ = पिछले 14 दिनों में हुए लाभ का योग/14, तथा ठीक इसी प्रकार 

पिछले 14 दिनों का औसत हानि = पिछले 14 दिनों में हुए हानि का योग/14 |

आईये इसे एक उदाहरण की सहायता से समझने का प्रयास करते है:-

Relative Strength Index के इस उदाहरण को समझाने के लिए हम मान कर चलते है कि कोई कंपनी X है जिसके एक शेयर की कीमत 31 जुलाई 2023 को 400 रुपये है | इसके बाद की अगले ट्रेडिंग दिवस का विवरण इस प्रकार है:-

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) का सूत्र / Formula of Relative Strength Index (RSI)

चित्रानुसार कंपनी X ने दिनांक 19/08/2023 को 419 रूपये पर ट्रेड किया था | कंपनी के पिछले 14 दिनों तक का लाभ अंक 39 है तथा हानि अंक 20 है | 

इस स्थिति में कंपनी X के 14 दिन क औसत लाभ = पिछले 14 कैंडल में लाभ का योग / 14 अर्थात 39/14 = 2.78

इसी प्रकार कंपनी X के पिछले 14 दिन का औसत हानि = पिछले 14 कैंडल में हानि का योग / 14 अर्थात 20/14 = 1.43

चूँकि Relative Strength(RS) = औसत लाभ /औसत हानि 

अतः Relative Strength(RS) = 2.78/1.43

Relative Strength(RS) = 1.94

अतः

Relative Strength Index (RSI) = 100 -(100 /1+RS)

Relative Strength Index = 100 -(100 /1+1.94)

Relative Strength Index= 100 -(100 /2.94)

Relative Strength Index = 100 -34.01)

Relative Strength Index = 65.99

अतः इस स्थिति में कंपनी X का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index का मान 65.99 होगा |

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI) के साथ ट्रेडिंग / Trading with Relative Strength Index

शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग करने के कई स्ट्रेटजी है | कोई कैंडल स्टिक पैटर्न के आधार पर ट्रेड करता है, तो कोई कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न के आधार पर | कोई सपोर्ट और रेजिस्टेंस के आधार पर ट्रेड करता है, तो कोई शेयर बाज़ार के इंडिकेटर के आधार पर | तो आईये हम समझते है कि RSI इंडिकेटर का प्रयोग कर एक ट्रेडर कैसे ट्रेड करता है | सोते-सोते पैसे कमाए / Passive Income Ideas In India 2023

बिकवाली में ट्रेड

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स शेयर के ट्रेंड की मजबूती तथा कमजोरी को दर्शाता है | इस इंडिकेटर के इसी संकेत का लाभ उठा कर ट्रेडर ट्रेड करते है तथा मुनाफा भी बनाते है | जब किसी कंपनी के शेयर का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 70 के ऊपर चला जाता है तब कंपनी का शेयर Overbought ज़ोन में चला जाता है | ऐसे में कोई भी ट्रेडर खरीदारी में ट्रेड नहीं लेता है | बल्कि बिकवाली में ट्रेड के लिए मौके तलाशने लगता है |

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(RSI) के साथ ट्रेडिंग / Trading with Relative Strength Index

इस लेवल पर अगर कोई बेयरिश ट्रेंड रिवर्शल कैंडलस्टिक पैटर्न दिखाई देता है तब ट्रेडर को बिकवाली का मौका मिल जाता है तथा ट्रेडर बिकवाली में ट्रेड ले लेता है | ऐसे में जो लोग पहले से खरीदरी कर कंपनी के शेयर को लगातार ऊपर लेकर जा रहे थे वो अब अपना प्रॉफिट बुक करने लगते इस कारण से कंपनी का शेयर निचे आने लगता है तथा बिकवाली करने वाले ट्रेडर का मुनाफा बनना आरंभ हो जाता है | ऐसे में ट्रेडर अपने टेक्निकल एनालिसिस अथवा कैंडलस्टिक पैटर्न के आधार पर टार्गेट तथा स्टॉप लॉस लगाते है |

खरीदारी में ट्रेड

ठीक इसी प्रकार जब कंपनी के शेयर का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 30 के लेवल के निचे पहुँच जाता है तब कंपनी का शेयर Oversold Zone में प्रवेश कर जाता है | इस लेवल में कोई समझदार ट्रेडर बिकवाली में ट्रेड नही लेता है बल्कि खरीदारी के मौके तलाशने लगता है | ऐसे में जब कोई बुलिश ट्रेंड रिवर्शल पैटर्न या सपोर्ट का लेवल या ट्रेडर के ट्रेडिंग स्ट्रेटजी के अनुसार कोई ट्रेड दिखाई देता है तब ट्रेडर को खरीदारी का मौका मिल जाता है |

जैसे ही ट्रेड में एंट्री का कन्फर्मेशन मिल जाता है ट्रेडर खरीदारी में ट्रेड ले लेता है | ऐसे में ट्रेडर अपने पैटर्न तथा अपने टेक्निकल एनालिसिस के अनुसार टार्गेट तथा स्टॉप लॉस लगाते है |

नो ट्रेडिंग जोन(No Trading Zone)

जब किसी कंपनी का शेयर का RSI चार्ट में 50 के मान के आस पास रहता है तब कंपनी का शेयर ना तो Overbought ज़ोन में होता है और न ही Oversold ज़ोन में होता है | ऐसे में ट्रेडर, ट्रेड लेने से बचना चाहिए है | यदि इस लेवल पर किसी पैटर्न का निर्माण होता भी है तब वह कम प्रभावशाली होता है | लम्बे समय तक निवेश करने के लिए शेयर

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(Relative Strength Index) के चाल को समझें

जब कंपनी एक शेयर निचे गिरता है तब चार्ट पर Relative Strength Index का मान भी गिरता जाता है तथा जब कंपनी का शेयर उपर जाता है तब चार्ट पर कंपनी का RSI भी ऊपर जाने लगता है | 

इसके अलावा कभी कभी कभी किसी शेयर में बड़ी तेज़ी हो जाती है तब कंपनी का शेयर तथा रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स तेज़ी से ऊपर चला जाता है | लेकिन शेयर में कोई ट्रेंड रिवर्शल पैटर्न का निर्माण नही होता है बल्कि शेयर कंसोलिडेशन के फेज़ में चला जाता है | ऐसे में कंपनी का शेयर उतना निचे नहीं गिरता है जितना RSI का मान गिर जाता है |

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स(Relative Strength Index) के चाल को समझें 

ठीक इसी प्रकार कभी-कभी जब कंपनी के शेयर में बड़ी गिरावट हो जाती है तब कंपनी के शेयर का RSI भी तेज़ी से निचे गिर जाता है | यदि कंपनी का शेयर गिरने के बाद उसी लेवल पर स्थिर होकर ट्रेड करें तब कंपनी का RSI ऊपर जाने लगता है | बुलिश एन्गल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न

इस लेख से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी:-

RSI कितना होना चाहिए?

RSI एक मोमेंटम इंडिकेटर है | इसका मान 0 से लेकर 100 के मध्य में होता है | जब चार्ट में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स का मान 30 से निचे आ जाता है तब ऐसा माना जाता है कि इस कंपनी के शेयर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बिकवाली की जा रही है | लगातार बिकवाली के कारण शेयर का RSI लगातार गिरता जाता है तथा 30 से भी निचे आ जाता है | 30 के मान से निचे वाले जोन को Oversold Zone कहा आता है | जब किसी कंपनी के शेयर में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स के मध्य में घुमने वाली लाइन का मान 70 से अधिक हो जाता है तब कंपनी का शेयर Overbought अर्थात अत्यधिक खरीदारी वाले जोन(Zone) में आ जाता है

आरएसआई का अर्थ क्या है?

आरएसआई का अर्थ रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative Strength Index होता है | इसका मन 0 से लेकर 100 के मध्य रहता है जहाँ पर 30 से निचे के लेवल को Oversold Zone तथा 70 से ऊपर के लेवल को Overbought Zone कहा जाता है |

कौन सा आरएसआई सबसे अच्छा है?

किसी कंपनी के RSI पर बाज़ार का सेंटिमेंट अपना असर डालता है | जब शेयर बाज़ार बुल रन में होता तब ज्यादातर कंपनी के शेयर का RSI 50-90 के आस पास घुमता रहता है | ऐसे में जब कंपनी के शेयर का RSI 40 के आस पास आ जाता है तब निवेश के लिए अच्छा मना जाता है | लेकिन जब शेयर बाज़ार मंदी के दौर से गुजर रहा होता है तब तब अधिकतर शेयर 20-70 के RSI के आस पास घुमता रहता है | ऐसे में जब कंपनी का शेयर का RSI 20 के आस पास आ जाता है तब निवेश के लिए बेहतर माना जाता है |

यदि आरएसआई 100 है तो क्या होगा?

व्यवहार में किसी कंपनी का RSI 100 होना संभव नहीं है | मैं पिछले 9 वर्षो से शेयर बाज़ार में कार्य कर रहा हु लेकिन मैंने कभी भी कोई ऐसा शेयर नही देखा जिसका RSI 100 हो , सामान्यतः कंपनी का RSI 90 तक पहुँच जाता है | यदि कोई कंपनी छोटी है तथा कंपनी से सम्बंधित किसी प्रकार की कोई बढ़िया समाचार हो तब बड़े बड़े फर्म तथा निवेशक बढ़ी खरीदारी करना आरंभ कर देते है | ऐसे में कंपनी का RSI 90 से 95, 95 से 98 तथा 98 से 99 तक भी हो जाता है |

आपको कैसे पता चलेगा कि कोई स्टॉक ओवरसोल्ड है?

जब किसी कंपनी के शेयर का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative Strength Index(RSI) 30 या उसके निचे चला जाता है तब ऐसा माना जाता है कि कंपनी का शेयर ओवरसोल्ड जोन(Oversold Zone) में चला गया है |

क्या आरएसआई डे ट्रेडिंग के लिए अच्छा है?

RSI एक मोमेंटम इंडिकेटर है | कुछ ट्रेडर RSI इंडिकेटर को आधार मानकर ट्रेड करते है, लेकिन केवल RSI के आधार पर ट्रेडिंग करना अधिक प्रभावशाली नहीं होती है | यदि आप RSI इंडिकेटर के साथ सपोर्ट और रेजिस्टेंस, शेयर बाज़ार के कैंडलस्टिक पैटर्न का सहारा लेकर ट्रेडिंग करेंगे तब यह अधिक प्रभावशाली हो जाता है |

क्या RSI 90 के ऊपर चले जाने पर शेयर को बेच देना चाहिए?

नहीं, ऐसा हर बार नहीं होता है कि कंपनी के शेयर का RSI 90 के ऊपर चले जाने बाद कंपनी के शेयर में गिरावट ही हो | कभी-कभी शेयर का RSI 98-99 तक चला जाता है | किसी कंपनी के शेयर का RSI 90 से ऊपर जाने का अर्थ है कि कंपनी में बड़ी खरीदारी की जा रही है लेकिन जब तक आपको किसी पैटर्न या आपके ट्रेडिंग एनालिसिस के अनुसार कोई ट्रेंड रिवर्शल पैटर्न दिखाई न दे, तब तक बिकवाली में ट्रेड लेना उचित नहीं है |

सारांश(Summary):-

मेरे प्रिय पाठकों आज के इस लेख रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index (RSI) Full Details in hindi में हम सबने रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index क्या है, ये कैसे कार्य करता है, इसका फार्मूला क्या है तथा जाना कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स / Relative strength Index का प्रयोग कर एक ट्रेडर किस प्रकार से ट्रेड करते है |

मै आशा करता हूँ कि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स से सम्बंधित यह लेख आपको पसंद आया होगा | यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें | 

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हेल्लो दोस्तों, मै पिछले 8 वर्षो से शेयर बाज़ार में निवेश तथा रिसर्च कर रहा हूँ | मै अपने अनुभव को Finohindi के माध्यम से आपके साथ सच्चाई के साथ सीधे तथा साफ शब्दों में बाटना चाहता हूँ | यदि आप शेयर बाज़ार में निवेश, ट्रेड करते है या आपकी शेयर बाज़ार में रूचि है तो आप सही जगह पर है

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