मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger Stock) को कैसे पहचाने?

दोस्तों पिछले कुछ अध्याय में हम सबने शेयर बाज़ार में निवेश के नियम तथा शेयर बाज़ार में निवेश के लिए अच्छे शेयर के बारे में विस्तार से अध्ययन किया था | आज के इस लेख में हम सब मल्टीबैगर शेयर के बारे में चर्चा करेंगे तथा जानेंगे की हम किस प्रकार से शेयर बाज़ार से मल्टीबैगर शेयर की पहचान कर सकते है |

शेयर बाज़ार में निवेश करने वाले निवेशक तथा ट्रेडर लगातार मल्टीबैगर शेयर को तलाश करते रहते है | निवेशक को बड़ी-बड़ी ब्लूचिप कंपनिया एक डिसेंट(Decent) रिटर्न देती है | लेकिन यदि आप कम समय में बड़ा मुनाफा बनाना चाहते है, तो आपको भी मल्टीबैगर स्टॉक की तलाश करनी चहिये | मल्टीबैगर स्टॉक वाली कंपनिया छोटी होती है, तथा उनमे ग्रोथ बढ़िया होती है, जिस कारण से ये अप्ल समय में ही अपने निवेशकों को बड़ा मुनाफा बना देती है | 

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मल्टीबैगर स्टॉक (multibagger stock)

ऐसे शेयर जो अल्प समय में अपने निवेशक को बड़ा रिटर्न बना कर देती है उन्हें मल्टीबैगर स्टॉक (multibagger stock) कहा जाता है | ऐसी कंपनियां साइज़ में छोटी होती है, तथा ये ग्रोइंग (Growing) फेज में होती है | इन कंपनियों का प्रॉफिट बड़ी तेज़ी से बढ़ रहा होता है | मल्टीबैगर शब्द का प्रयोग सर्व प्रथम प्रसिद्ध फंड मैनेजर पीटर लिंच द्वारा अपनी पुस्तक वन अप ऑन द वॉल स्ट्रीट में किया गया था |

मल्टीबैगर स्टॉक्स (Multibagger Stocks) को कैसे पहचाने ?

शेयर बाज़ार में बहुत सारी कंपनिया लिस्टेड है | लेकिन सभी कंपनिया निवेश के लिए अच्छी नहीं होती है | कुछ लोग बड़ी तथा ब्लूचिप कंपनी में निवेश कर बहुत कम रिस्क के साथ शेयर बाज़ार से एक डिसेंट(Decent) रिटर्न कमाते है, तो कुछ लोग मिड कैप कंपनी के शेयर में निवेश कर थोड़े रिस्क के साथ ब्लूचिप कंपनी से ज्यादा रिटर्न प्राप्त करते है | शेयर क्या है ?

वही कुछ निवेशक ऐसे भी होते है, जो शेयर बाज़ार से बहुत कम समय में बड़ा रिटर्न प्राप्त करना चाहते है | ये सभी लोग छोटी तथा ग्रोविंग कंपनी की तलाश करते है जो कम समय में बड़ा मुनाफा दे सके | इनमे से कुछ कंपनिया तो मल्टीबैगर तो बन जाती है लेकिन कुछ कंपनिया डूब भी जाती है | आज हम सब मल्टीबैगर स्टॉक (multibagger stock) को पहचानने के तरीको के बारे में विस्तार से जानेंगे |

मल्टीबैगर स्टॉक (multibagger stock) को कैसे पहचाने

शेयर बाज़ार के अथाह सागर से मल्टीबैगर स्टॉक को निकल पाना आसान नहीं है | शेयर बाज़ार में हजारों की संख्या में शेयर लिस्टेड है, जिनमे से लगभग 70 प्रतिशत कंपनी निवेश के लिए उपयुक्त नहीं है | शेष बची कंपनियों में कोई कंपनी बिजनेस में लाभ नहीं कमा पा रही है तो कुछ कंपनिया साल दर साल घाटे में जा रही है | कुछ कंपनिया हाई ग्रोथ दिखाती है तो कुछ कंपनिया स्लो ग्रोथ के साथ बाज़ार में लिस्टेड है |

मल्टीबैगर स्टॉक्स (Multibagger Stocks) को कैसे पहचाने ?

ऐसे में शेयर बाज़ार से मल्टीबैगर स्टॉक स्टॉक की पहचान कर पाना बहुत ही कठिन कार्य है | लेकिन यदि आप निम्न स्टेप्स का पालन करने के बाद शेयर का चुनाव करेंगे तो आप अपने रिस्क के अनुसार मल्टीबैगर स्टॉक की पहचान कर पाएंगे | 

  • PE रेशियो की पहचान करें |
  • EPS और प्रॉफिट ग्रोथ का विश्लेषण करें |
  • कंपनी का प्रॉफिट तेज़ी से ग्रो करने वाला हो |
  • रेवेन्यू ग्रोथ विश्लेषण करें |
  • कंपनी पर कर्ज (Debt to Equity) ka विश्लेषण करें |
  • नई इंडस्ट्री तथा स्ट्रांग की पहचान करें |
  • कंपनी के मैनेजमेंट को देखें |
  • धैर्य बनाये रखें |

PE रेशियो की पहचान करें(Identify PE Ratio)

किसी कंपनी का PE रेशियो हमें यह बताता है कि किसी कंपनी का शेयर उस कंपनी के कमाई के मुकाबले कितने ऊपर या निचे ट्रेड कर रही है | PE रेशियो कंपनी के शेयर की कीमत तथा प्रति शेयर कमाई का अनुपात होता है | आपको मल्टीबैगर स्टॉक का चुनाव करने के लिए ऐसे कंपनी का चुनाव करना चाहिए जिसका PE रेशियो कम हो तथा उसका PE, शेयर की कीमत से तेज़ बढ़ता हो | 

लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है कि केवल कम PE वाली कंपनी ही मल्टीबैगर बनते है | कुछ कंपनिया ऐसी भी होती है जिनमें ग्रोथ अच्छी होने के कारण निवेशक का पसंदीदा स्टॉक बन जाता है तथा कंपनी में खरीदारी के कारण का PE बढ़ते-बढ़ते 100 के आस पास पहुँच जाता है | कंपनी में तेज़ ग्रोथ होने के कारण समय-समय पर वैलुएसन एडजस्ट होकर PE कम हो जाता है | इस प्रकार की कंपनिया आगे चलकर मल्टीबैगर बनती है | एडवांस/डिक्लाइन रेशियो

कंपनी का EPS और प्रॉफिट ग्रोथ का विश्लेषण करें

एक अच्छी कंपनी में कंपनी का EPS तथा कंपनी का प्रॉफिट लगातार बढता रहता है | EPS का अर्थ है कि कंपनी का शुद्ध लाभ का प्रति शेयर के हिस्से में कितना आय आती है |

जिस कंपनी का EPS डाउन ट्रेंड में होता है उन कंपनी को अच्छी नहीं मानी जाती है | किसी कंपनी का EPS डाउन ट्रेंड में होने का अर्थ है कि कंपनी के बिजनेस में लाभ बढ़ने के बजाय कम हो रहा है या लाभ नहीं कमा पा रही है | जो कंपनी अपने बिज़नेस में लाभ नहीं कमा पाती है वे कभी भी मल्टीबैगर नहीं बन पाती है | 

रेवेन्यू ग्रोथ विश्लेषण करें(Analyze Revenue Growth)

कंपनी के बिजनेस में प्राप्त रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के ग्रोथ को दर्शाती है | जिस कंपनी का रेवेन्यू जीतनी तेज़ी से बढ़ता है, उस कंपनी को उतना ही बेहतर माना जाता है | जिस कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ नहीं कर पता है, उस कंपनी को फंडामेंटली अच्छा नहीं माना जाता है | कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ होने का अर्थ है कि कंपनी के प्रोडक्ट की सेल अच्छी है | 

यदि किसी कंपनी में रेवेन्यू कई तिमाही से लगातार कम होता जा रहा है तो ऐसा माना जाता है कि कंपनी के प्रोडक्ट बाज़ार में पसंद नहीं किये जा रहे है या कंपनी में कोई इंटरनल समस्या है | इस प्रकार की कंपनी में कतई निवेश नहीं करना चाहिए | शेयर बाज़ार के चार्ट
 

कंपनी पर कर्ज (Debt to Equity) ka विश्लेषण करें

मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger Stock) की तलाश में ऐसे कंपनी को खोजना चाहिए जिनमे कर्ज कम से कम हो | क्योकि ज्यादा कर्ज वाली कंपनी के परिचालन तथा प्रॉफिट प्रभावित होती है | 

किसी कंपनी पर कर्ज एक दीमक की तरह होता है, जो समय के साथ-साथ कंपनी को खोखला बनाती जाती है | इसलिए आपको ऐसी कंपनी का चुनाव करना चहिये जिसमे कर्ज का बोझ कम से कम हो |

किसी कंपनी पर कर्ज के बोझ को डेब्ट टू इक्विटी रेशियो से दर्शाया जाता है | आप जिस कंपनी में निवेश करने जा रहे  है उनमे प्रयास करिए की कंपनी का डेब्ट टू इक्विटी रेशियो 1 से कम हो | यदि आप कम रिस्क के साथ मल्टीबैगर स्टॉक में निवेश करना चाहते है तो ऐसी कंपनी में निवेश करना उचित है जिनका डेब्ट टू इक्विटी रेशियो .35 से कम हो | कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न क्या है ?

बड़ी बनती इंडस्ट्री की पहचान करें(Identify big growing industries)

मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger Stock) के लिए आपको ऐसी कंपनी को तलाशना होगा जो इंडस्ट्री बाज़ार में नई हो अर्थात कंपनी का सेक्टर नया हो, इस प्रकार का कार्य कोई और कंपनी न करती हो |

कंपनी छोटी हो, अपने सेक्टर की लीडर हो तथा सेक्टर भी नया हो तब कंपनी में बहुत बढ़िया ग्रोथ मिलती है | जो कंपनी अपने सेक्टर की लीडर होती है उनमे बढ़िया ग्रोथ मिलती है लेकिन जब कोई छोटी कंपनी अपने सेक्टर की लीडर हो तब कंपनी का शेयर रोकेट की तरह ऊपर चली जाती है | स्टॉक स्प्लिट क्या है ? Stock Split Meaning in Hindi

कंपनी के मैनेजमेंट को देखें(Look at the company’s management)

किसी भी कंपनी में निवेश से पहले कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस अवश्य करना चाहिए | किसी कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस हमें यह बताता है कि

  • हमें किस कंपनी में निवेश करना चाहिए |
  • कौन सी कंपनी निवेश के लिए बेहतर है |
  • कौन सी कंपनी ट्रेडिंग है |
  • कौन सी कंपनी  में रिस्क ज्यादा है |
  • कौन सी कंपनी में रिस्क कम |

कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस कर आप अपने रिस्क के अनुसार मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger Stock) का चुनाव कर सकते है | 

धैर्य बनाये रखें(be patient)

यदि आप शेयर बाज़ार में निवेश कर बड़ा मुनाफा कमाना चाहते है तो आपको बाज़ार में लंबे समय तक के लिए निवेश करना चाहिए | इसलिए यदि आप किसी मल्टीबैगर स्टॉक को तलाश चुके है तो आपको कंपनी में निवेश कर धैर्य के साथ इन्तेजार करना चाहिए | 

सामान्यतः नए निवेशक में धैर्य की कमी होती है | नए निवेशक यदि किसी मल्टीबैगर स्टॉक को सही कीमत पर खरीद भी लेते है तो जब कंपनी के शेयर में तेज़ी आती है तब ये धैर्य नहीं रख पाते है तथा शेयर को बेच कर लाभ बुक कर लेते है | 

वही जब किसी मल्टीबैगर स्टॉक में गिरावट होती है तब भी पोर्टफोलियो में नुकसान नहीं बर्दास्त कर पाते है तथा पैनिक में शेयर को बेच कर निकल जाते है | 

इसीलिए किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले कंपनी के शेयर के चार्ट का टेक्निकल एनालिसिस तथा कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस करने के बाद शेयर को उसके सपोर्ट पर खरीद कर धैर्य के साथ निवेशित रहना ही उचित होता है | कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस कैसे करें ?

 

मल्टीबैगर शेयरों से जुड़ा जोखिम क्या है? – Risk in Multibagger Stock in Hindi?

जिस कंपनी में जितना बड़ा रिवार्ड होता है उस कंपनी में उतना ही बड़ा उतना बड़ा रिस्क भी होता है | इस प्रकार की कंपनी में रिस्क को निम्न प्रकार से समझा जा सकता है | 

  • बड़े बड़े निवेशक/ ट्रेडर के ट्रैप 
  • कंपनी के शेयर में बड़ा गिरावट होना

बड़े बड़े निवेशक/ ट्रेडर के ट्रैप(Traps of big investors/traders)

जो कंपनी छोटी होती है उन कंपनी में शेयर की संख्या कम होती है | कभी-कभी इसका प्रयोग बड़े-बड़े ट्रेडर तथा निवेशक अपने लाभ के लिए करते है | पहले कंपनी के शेयर को खरीद खरीद कर ऊपर लेकर जाते है जब तेज़ी को देखकर नए निवेशक इन कंपनी में निवेश कर देते है तब वे कंपनी के शेयर को बेच कर निकल जाते है जिस कारण से शेयर की कीमत निचे आ जाती है | 

मल्टीबैगर स्टॉक्स (Multibagger Stocks) को कैसे पहचाने ?

इस प्रकार के ट्रैप से बचने लिए बेहतर है कि आप कंपनी के फंडामेंटल तथा टेक्निकल एनालिसिस कर शेयर को उसके सपोर्ट पर खरीद कर धैर्य के साथ बने रहे | कभी भी भागते शेयर को खरीदने का प्रयास नहीं करें | बोनस शेयर क्या है ? What is Bonus Share in Hindi

कंपनी के शेयर में बड़ा गिरावट होना(Big fall in company’s shares)

स्माल कैप की कंपनिया छोटी तथा इनमें बाज़ार के अनुभव की कमी होती है जिस कारण से जब कंपनी का अच्छा दौर होता है तब कंपनी बड़ा मुनाफा कमाती है जिस कारण से कंपनी का शेयर बड़ी तेज़ी से ऊपर चला जाता है |

लेकिन जब कंपनी का बुरा दौर आता है तब कंपनी अपने खर्चो को मैनेज नहीं कर पाती है जिस कारण से बिजनेस में लाभ नही कमा पाती है | अतः शेयर में गिरावट आरंभ हो जाता है तथा उपरी स्तर से 60 -70 प्रतिशत आसानी से गिर जाता है | इस प्रकार की कंपनी में जब तेज़ी आता है तब 60 -70 प्रतिशत का गिरावट 2x-3x की तेज़ी में बदल जाता है |

इसलिए निवेशक को सलाह दिया जाता है कि मल्टीबैगर स्टॉक या छोटी कंपनी में हमेशा कम निवेश करना चाहिए | अपने पोर्टफोलियो का डायवर्सिफिकेशन(Diversification) करें | बड़ी तथा ब्लूचिप कंपनी में बड़ा निवेश , मिड कैप कंपनी में मध्यम निवेश तथा छोटी कंपनी में छोटा निवेश करना चाहिए |

यदि आप शेयर बाज़ार में बेहतर निवेश करना चाहते है तो आप कंपनी का टेक्निकल एनालिसिस तथा फंडामेंटल एनालिसिस के साथ-साथ कैंडलस्टिक चार्ट पैटर्न, कैंडलस्टिक पैटर्न, प्राइस एक्शन, शेयर बाज़ार के चार्ट, एडवांस/डिक्लाइन रेशियो के साथ साथ शेयर खरीदने तथा बेचने का उत्तम समय का ज्ञान होना आवश्यक है | इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ?

इस लेख से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी

मल्टीबैगर स्टॉक का अर्थ क्या है?

ऐसे शेयर जो अल्प समय में अपने निवेशक को बड़ा रिटर्न बना कर देती है उन्हें मल्टीबैगर स्टॉक्स (multibagger stocks) कहा जाता है | ऐसी कंपनियां साइज़ में छोटी होती है, तथा ये ग्रोइंग (Growing) फेज में होती है | इन कंपनियों का प्रॉफिट बड़ी तेज़ी से बढ़ रहा होता है |

मल्टीबैगर शेयर कैसे ढूंढे?

मल्टीबैगर शेयर को ढूँढने के लिए आपको निम्न चरणों का पालन करना होगा |
PE रेशियो की पहचान करें |
EPS और प्रॉफिट ग्रोथ का विश्लेषण करें |
कंपनी का प्रॉफिट तेज़ी से ग्रो करने वाला हो |
रेवेन्यू ग्रोथ विश्लेषण करें |
कंपनी पर कर्ज (Debt to Equity) ka विश्लेषण करें |
नई इंडस्ट्री तथा स्ट्रांग की पहचान करें |
कंपनी के मैनेजमेंट को देखें |
कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस करें
धैर्य बनाये रखें |

सारांश (Summary)

आज के इस लेख में हम सबने जाना कि मल्टीबैगर शेयर किसे कहा जाता है | शेयर बाज़ार में इन्हें कैसे ढूंढा जा सकता है | मल्टीबैगर शेयर में निवेश कर अपने रिस्क तथा रिवार्ड को किस प्रकार से मैनेज किया जाता है | 

दोस्तों मै आशा करता हूँ कि आपको यह लेख मल्टीबैगर स्टॉक (multibagger stock) को कैसे पहचाने पसंद आया होगा | मै आशा करता हूँ कि अब आपको शेयर बाज़ार से मल्टीबैगर शेयर को खोजने में किसी प्रकार का समस्या नहीं होगा | 

यदि इस लेख से सम्बंधित किसी प्रकार का कोई सवाल हो तो आप हमें कमेन्ट कर सकते है या आप हमें contact@finohindi.com पर मेल कर सकते है | आप हमसे लगातार जुड़े रहने के लिए हमारे Facebook पेज तथा Twitter पेज पर हमें Follow कर सकते है |

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हेल्लो दोस्तों, मै पिछले 8 वर्षो से शेयर बाज़ार में निवेश तथा रिसर्च कर रहा हूँ | मै अपने अनुभव को Finohindi के माध्यम से आपके साथ सच्चाई के साथ सीधे तथा साफ शब्दों में बाटना चाहता हूँ | यदि आप शेयर बाज़ार में निवेश, ट्रेड करते है या आपकी शेयर बाज़ार में रूचि है तो आप सही जगह पर है

8 thoughts on “मल्टीबैगर स्टॉक (Multibagger Stock) को कैसे पहचाने?”

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