स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern In Hindi

दोस्तों, क्या आपने स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न(Spinning Top Candlestick Pattern) के बारे में सुना है | अब तक अपने पिछले लेख में हम सबने कैंडलस्टिक पैटर्न के कई पैटर्न के बारे में विस्तार से अध्ययन किया है | अब आज के अपने इस लेख स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern In Hindi में हम सब स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न के बारे में विस्तार से जानेंगे |

आज के अपने इस लेख में हम सब जानेंगे कि स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है, इसका निर्माण कब होता है, इसके निर्माण के पीछे ट्रेडर तथा निवेशक की सायकोलॉजी कैसे कार्य करती है, एक ट्रेडर तथा निवेशक इस पैटर्न के निर्माण का किस प्रकार से ट्रेडिंग कर लाभ कमाते है |

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न को समझने से पहले हम समझते है कि स्पिनिंग टॉप कैंडल किसे कहा जाता है |

स्पिनिंग टॉप कैंडल / Spinning Top Candle

स्पिनिंग टॉप कैंडल का निर्माण बुल्स तथा बियर्स के मध्य एक ऐसे युद्ध का परिणाम होता है जिसमें बुल्स तथा बियर्स में न तो किसी की हार होती है तथा न तो किसी की जीत होती है | इस कैंडल में बॉडी छोटी तथा शैडो बड़ी होती है |

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern In Hindi
स्पिनिंग टॉप कैंडल / Spinning Top Candles

इस कैंडल का बॉडी हरा हो या लाल, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है | चित्रानुसार स्पिनिंग टॉप कैंडल के तीन भाग होते है | प्राइस एक्शन ट्रेडिंग क्या है ?

स्पिनिंग टॉप कैंडल / Spinning Top Candle की विशेषताए:-

  • इसकी बॉडी छोटी होती है |
  • कैंडल का बॉडी लाल या हरा हो सकता है |
  • इसका शैडो बॉडी से अधिक बड़ा होता है |
  • कैंडल का अपर शैडो तथा लोअर शैडो लगभग एक समान होता है |

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern In Hindi

जब किसी स्पिनिंग टॉप कैंडल / Spinning Top Candle का निर्माण अपट्रेंड में चल रहे कंपनी के शेयर / इंडेक्स के टॉप पर या डाउन ट्रेंड में चल रहे शेयर के बॉटम पर बनता है तब इस प्रकार से बने चार्ट फार्मेशन को स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न कहा जाता है |

जब किसी स्पिनिंग टॉप कैंडल का निर्माण अपट्रेंड में चल रहे कंपनी के शेयर / इंडेक्स के टॉप पर होता है तब यह अपट्रेंड के समाप्त हो जाने का संकेत देता है | अतः यदि स्पिनिंग टॉप कैंडल का निर्माण अपट्रेंड में चल रहे कंपनी के शेयर / इंडेक्स के टॉप पर होता है तब इसे बेयरिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न कहा जाता है |

ठीक इसी प्रकार जब डाउन ट्रेंड में चल रहे कंपनी के शेयर के बॉटम पर स्पिनिंग टॉप कैंडल का निर्माण हो जाता है तब यह मंदी के दौर के समाप्ति का संकेत देता है | ऐसा होने पर माना जाता है कि अब कंपनी के शेयर में तेज़ी आ सकती है | अतः यदि डाउन ट्रेंड में चल रहे शेयर के बॉटम पर स्पिनिंग टॉप कैंडल का निर्माण होता है तब इस प्रकार के चार्ट फार्मेशन को बुलिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न कहा जाता है | एडवांस/डिक्लाइन रेशियो

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न के निर्माण के पीछे की सायकोलॉजी:-

यह पैटर्न बुल्स तथा बियर्स के मध्य युद्ध का परिणाम होता है | चित्र में हम देख पा रहे है कि पिछले कई कैंडल बाज़ार के तेज़ होने का संकेत दे रहे है | अतः खरीददार बाज़ार को ऊपर लेकर जा रहे है इस कारण से चार्ट में अधिकतम बुलिश कैंडल का निर्माण होते-होते शेयर/इंडेक्स की कीमत अपने टॉप पर चली गयी है |

अब ऊपर चले जाने के बाद एक ऐसा लेवल आ जाता है जहाँ पर खरीददार की शक्ति कम होने लगती है | खरीददार की शक्ति कम होने पर बियर्स(बेचने वाले), बाज़ार पर अपना दबदबा बनाना आरंभ कर देते है | इस कारण से बाज़ार खुलने पर खरीददार बाज़ार को ऊपर तो लेकर जाते है लेकिन वे टिक नहीं पाते है तथा मंदड़िए बाज़ार को निचे लेकर आ जाते है |

यहाँ पर खरीदार एक बार फिर से बाज़ार को ऊपर ले जाने का अंतिम प्रयास करते है तथा खरीदारी आरंभ कर देते है | चूँकि अब खरीदार की संख्या कम रह गयी है तथा इनकी शक्ति कमजोर हो गयी है | अतः ये बाज़ार को टॉप पर नहीं ले जा पाते है लेकिन बाज़ार को ओपन प्राइस के पास लाकर क्लोज कर देते है | इस प्रकार से एक बेयरिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न का निर्माण हो जाता है | Best 3 मल्टीबैगर स्टॉक्स (Multibagger Stocks) In Hindi

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेड कब लें?

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न का निर्माण हो जाने के तत्काल बाद ट्रेड नहीं लिया जाता है | क्योकि इस पैटर्न का निर्माण हो जाने का अर्थ ट्रेंड के रिवर्स होने का एक संकेत मात्र होता है |

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेड कब लें?

क्या वास्तव में ट्रेंड रिवर्श हुआ है या नहीं? इसके लिए पैटर्न के कन्फर्मेशन का इंतजार अवश्य करना चाहिए | चूँकि यह पैटर्न दो प्रकार का होता है अतः हम इन दोनों स्थिति में ट्रेड को समझते है | लम्बे समय तक निवेश करने के लिए शेयर

बेयरिश स्पिनिंग टॉप कैंडल स्टिक पैटर्न में ट्रेड कब लें

चार्ट में बेयरिश स्पिनिंग टॉप कैंडल स्टिक पैटर्न के निर्माण हो जाने के बाद एक ऐसे बेयरिश कैंडल का इंतजार करना चाहिए जो स्पिनिंग टॉप कैंडल के हाई को ब्रेक न करे तब पैटर्न तथा मंदी के दौर का कन्फर्मेशन मिल जाता है | इस बेयरिश कैंडल को पैटर्न कन्फर्मेशन कैंडल कहा जाता है | अब अगली कैंडल जैसे ही इस पैटर्न कन्फर्मेशन कैंडल के low को ब्रेक डाउन कर निचे निकल जाती है वैसे ही ट्रेडर बिकवाली में ट्रेड लेते है तथा लाभ कमाते है |

बुलिश स्पिनिंग टॉप कैंडल स्टिक पैटर्न में ट्रेड कब लें

चार्ट बुलिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न के निर्माण हो जाने के बाद एक ऐसे बुलिश कैंडल का इंतजार करना चाहिए जो स्पिनिंग टॉप कैंडल के low को ब्रेक न करें तब बुलिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न तथा तेज़ी के दौर का कन्फर्मेशन मिल जाता है | इसके बाद की अगली कैंडल जैसे ही इस पैटर्न कन्फर्मेशन कैंडल के हाई को ब्रेकआउट कर ऊपर निकल जाती है वैसे ही ट्रेडर खरीददारी में ट्रेड लेते है तथा मुनाफा कमाते है | निफ्टी 50 में ट्रेडिंग कैसे करें

स्पिनिंग टॉप कैंडल स्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern में टार्गेट कहाँ सेट करें?

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेडर को अपना टार्गेट कम से कम 1:1 पर लगाना चाहिए | अर्थात 

बेयरिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेडर अपना टार्गेट एंट्री पॉइंट से स्पिनिंग टॉप कैंडल के हाई के अंतर जितना एंट्री पॉइंट से निचे लगाते है |

बुलिश स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेडर अपना टार्गेट, एंट्री पॉइंट तथा स्पिनिंग टॉप कैंडल के low के अंतर जितना, एंट्री पॉइंट से ऊपर लगाते जाता है |

टार्गेट बड़ा कैसे करें(How To Increase Target)

यदि आप पैटर्न के अनुसार 1:1 का टार्गेट लेकर एग्जिट होना चाहते है तो आप उपरोक्त उदाहरण के अनुसार एग्जिट हो सकते है | लेकिन यदि आप अपने ट्रेड के टार्गेट को बड़ा करना चाहते है तब आपको एग्जिट नहीं करना चाहिए तथा टार्गेट सेट नहीं करना चाहिए | ऐसे ट्रेडर चार्ट के छोटे टाइम फ्रेम में किसी ट्रेंड रिवर्शल पैटर्न की तलाश करते है | जैसे ही छोटे टाइम फ्रेम पर किसी ट्रेंड रिवर्शल पैटर्न दिखाई देता है, ट्रेडर वही पर एग्जिट कर लेता है | ट्रेडर का टार्गेट जैसे-जैसे बड़ा बनता जाता है वो अपने स्टॉप लॉस को ट्रेल करता रहता है | इस प्रकार से ट्रेडर बाज़ार के मूवमेंट का भरपूर मुनाफा ले सकते है |

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern में स्टॉप लॉस सेट कहाँ करें?

किसी भी पैटर्न में ट्रेड लेने के बाद ट्रेडर सबसे पहले अपना स्टॉप लॉस लगाते है |

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern में स्टॉप लॉस सेट कहाँ करें?

स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न ट्रेडर को अपना स्टॉप लॉस, स्पिनिंग टॉप कैंडल के हाई पर लगाना चाहिए | GSM कैटेगरी क्या है

आज हमने जाना(Today We Learned)

मेरे प्रिय पाठकों, आज के इस लेख स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न / Spinning Top Candlestick Pattern Full Details In Hindi में हम सबने जाना कि स्पिनिंग टॉप कैंडल क्या है, स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न क्या है, इस पैटर्न का निर्माण कब और कहाँ होता है | इस इस पैटर्न में ट्रेडर अपना टार्गेट तथा स्टॉप लॉस कहाँ लगाते है |

मै आशा करता हूँ कि अब आपको स्पिनिंग टॉप कैंडलस्टिक पैटर्न में ट्रेड करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी | आपको हमारा यह पोस्ट कैसा लगा हमें कमेन्ट कर अवश्य बताये | यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें |

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