ROCE क्या है? ROCE Meaning in Hindi

मेरे प्रिय पाठकों आप जब भी शेयर बाज़ार में लिस्टेड किसी कंपनी का फंडामेंटल एनालिसिस करते है तब आपने ROE तथा ROCE के बारे में अवश्य ही पढ़ा होगा | हमें ये पता होता है कि किसी कंपनी में निवेश करने के लिए हमें कितना R.O.C.E. चाहिए होता है लेकिन हमें ये नही पता कि ये ROCE क्या होता है, इसे कैसे ज्ञात किया जाता है |

तो आज के इस लेख R.O.C.E. क्या है? ROCE Meaning in Hindi में हम सब जानेंगे कि R.O.C.E. क्या होता है, R.O.C.E. का Full फॉर्म क्या होता है, किसी कंपनी का ROCE कैसे ज्ञात किया जा सकता है, के साथ साथ हम सब जानेगे कि किसी कंपनी का ROCE 40 है तो इसका क्या अर्थ है |

ROCE क्या है? ROCE Meaning in Hindi

ROCE(Return On Capital Employed) एक ऐसा फाइनेंसियल अनुपात(Financial Ratio) है जो हमें यह बताता है कि कंपनी अपने बिज़नेस में लगे पूंजी की तुलना में कितने प्रतिशत रिटर्न कमा रही है | दुसरे शब्दों कहा जाय तो किसी कंपनी का R.O.C.E.(Return On Capital Employed) हमें यह बताता है कि कंपनी अपने बिजनेस में लगे पूंजी को कितने बेहतर तरीके से उपयोग कर रही है | ROCE का मतलब है “Return on Capital Employed” या “नियोजित पूंजी पर रिटर्न |

कंपनी अपने बिज़नेस में कई प्रकार की पूंजी का प्रयोग करते है जैसे प्रमोटर द्वारा लगाया गया धनराशि, कंपनी द्वारा लिया गया लोन तथा कंपनी इक्विटी शेयर में निवेश किये गए निवेशक की पूंजी, एंकर निवेशक की पूंजी आदि शामिल होती है | कंपनी द्वारा कमाए गए लाभ से कंपनी के सभी नियोक्त पूजी से अनुपात निकाला जाता है | क्रिप्टो करेंसी क्या है?

आर0ओ0सी0इ0 का सूत्र क्या है? (What Is ROCE Formula)

जैसा कि हम सबने पिछले लाइन में समझा कि किसी कंपनी का R.O.C.E. या नियोक्त पूंजी पर लाभ हमें यह बताती है कि कोई कंपनी अपने बिज़नेस में लगे पूंजी को कितने बेहतर तरीके से प्रयोग कर रही है | अतः

ROCE क्या है? ROCE Meaning in Hindi

R.O.C.E. = (कंपनी द्वारा कमाया गया लाभ / कंपनी द्वारा अपने बिजनेस में लगाया गया पूंजी) x 100

ये तो है ROCE का सूत्र, जिसकी सहायता से हम R.O.C.E. ज्ञात कर सकते है | लेकिन अब सवाल यह आता है कि कंपनी द्वारा कमाया गया लाभ से क्या अर्थ है | क्यों कि एक तो लाभ कंपनी द्वारा कमाया गया ऑपरेटिंग प्रॉफिट होता है, दूसरा लाभ व्याज अदा करने के बाद बचा लाभ होता है | कंपनी का तीसरा लाभ, शुद्द लाभ होता है जिसमे कंपनी व्याज तथा टैक्स अदा करने के बाद निकालती है | एडवांस/डिक्लाइन रेशियो क्या है 

कंपनी द्वारा कमाया गया लाभ» इस लाभ में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट लिया जाता है अर्थात कंपनी के व्याज तथा टैक्स अदा करने के पहले जो प्रॉफिट, जिसे ऑपरेटिंग प्रॉफिट या EBIT (Earnings Before Interest and Taxes) कहा जाता, को लिया जाता है |

कंपनी द्वारा अपने बिजनेस में लगाया गया पूंजी से अर्थ कंपनी के इक्विटी शेयर कैपिटल, रिजर्व सरप्लस, preferred इक्विटी के साथ साथ कंपनी के द्वारा लिया गया शोर्ट टर्म तथा लॉन्ग टर्म का देनदारी भी शामिल रहता है | 

कंपनी द्वारा अपने बिजनेस में लगाया गया पूंजी» कंपनी द्वारा अपने बिजनेस में लगाया गया पूंजी = कंपनी के इक्विटी शेयर कैपिटल + रिजर्व सरप्लस + preferred इक्विटी +  शोर्ट टर्म का देनदारी  + लॉन्ग टर्म का देनदारी 

आईये हम इसे एक उदाहरण की सहायता से समझते है»

ROCE को समझने के लिए हम मान कर चलते है कि कोई कंपनी ABC है जिसका इक्विटी शेयर कैपिटल 80 लाख है, रिजर्व सरप्लस पूंजी 20 लाख है, preferred इक्विटी 10 लाख है, शोर्ट टर्म का देनदारी 10 लाख तथा कंपनी की लॉन्ग टर्म का देनदारी 15 लाख रुपये है | अब हम मान कर चलते है कि कंपनी ने इस साल कुल 36 लाख का ऑपरेटिंग प्रॉफिट कमाया है तब कंपनी का 

R.O.C.E. = (कंपनी द्वारा कमाया गया लाभ / कंपनी द्वारा अपने बिजनेस में लगाया गया पूंजी) x 100

R.O.C.E.(Return On Capital Employed) = [36 / (80+20+10+10+15)] x 100

R.O.C.E. = 36/135 x100

R.O.C.E. = 3600/135

R.O.C.E. = 26.66 प्रतिशत

अतः इस कंपनी ABC की R.O.C.E. (नियोजित पूंजी पर रिटर्न) 26.66 प्रतिशत है | इसका अर्थ है कि कंपनी 26.66 कमाने के लिए 100 रुपये खर्च कर रही है | PE रेशियो क्या है

किसी कंपनी के लिए कितना आर0ओ0सी0इ0 सही है / What is the right ROCE for a company?

हमने बहुत सारी वेबसाइट तथा youtube का अध्ययन किया है | ज्यादातर लोगो द्वारा बताया जाता है कि किसी कंपनी का R.O.C.E. 15 प्रतिशत तक होना चाहिए | लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि जिस कंपनी का ROCE 20 प्रतिशत से ऊपर होता है उन्हें अच्छी कंपनी माना जाना चाहिए |

किसी कंपनी के लिए कितना आर0ओ0सी0इ0 सही है / What is the right ROCE for a company?

किसी भी कंपनी का R.O.C.E.(Return On Capital Employed) हमेशा उस कंपनी के लिए गए लोन के व्याज दर से अधिक होना अत्यंत आवश्यक होता है | जैसे मान लीजिये कि कंपनी ABC ने 25 लाख रुपये का लोन 10 प्रतिशत वार्षिक व्याज की दर से लिया है लेकिन कंपनी का ROCE 7 प्रतिशत है तब इसका अर्थ है कि कंपनी लोन लिए गए पैसे का सदुपयोग नहीं कर पा रही है तथा जितना लोन का व्याज भर रही है उस पैसे से उतना भी नहीं कमा रही है |

अब आप ही सोचिये यदि आपने कोई लोन लेकर किसी ऐसे बिज़नेस में निवेश किया है जो आपको व्याज अदा करने जितना भी लाभ नहीं कमा पा रही है तो ऐसे में आपको लोन लेने से क्या फायदा | ऐसा होना कंपनी के सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है | सोते-सोते पैसे कमाए / Passive Income Ideas In India

अच्छे R.O.C.E. वाले शेयर को कैसे खोजें(How to find stocks with good ROCE)

यदि आप शेयर बाज़ार में निवेश करते है तब आप शेयर बाज़ार में लिस्टेड ऐसी कंपनी के शेयर की तलाश करते है जिसका फंडामेंटल काफी मजबूत हो | कंपनी के फंडामेंटल एनालिसिस में एक बिंदु कंपनी का R.O.C.E. का एनालिसिस करना भी होता है | इसलिए अच्छे कंपनी की तलाश में हमें कंपनी के R.O.C.E. पर अवश्य ध्यान देना चाहिए |

अच्छे R.O.C.E. वाले शेयर को कैसे खोजें(How to find stocks with good ROCE)

अब सवाल यह है कि हम अच्छे R.O.C.E. वाले शेयर को कैसे तलाशे | अच्छे ROCE वाले शेयर को तलाशने में पहले बहुत समस्या होती थी लेकिन आज के इस इन्टरनेट के दौर में अच्छे ROCE वाले शेयर की तलाश करना बहुत आसान है | आज के इस दौर में हमारे पास https://www.screener.in/, https://investing.com/, तथा https://www.moneycontrol.com/ जैसे भरोसेमंद वेबसाइट है जहाँ से आप किसी भी कंपनी का ROCE सहित अन्य फंडामेंटल बिन्दुओ की जाँच बड़ी आसानी से कर सकते है |

R.O.C.E. से सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदु(Important Points Related to R.O.C.E.)

शेयर बाज़ार में लिस्टेड सभी कंपनिया अपने एक सेक्टर के अन्दर कार्य करती है | हर सेक्टर का प्रॉफिट मार्जिन अलग-अलग होता है इस कारण से सभी सेक्टर का R.O.C.E. अलग-अलग होता है | किसी सेक्टर का R.O.C.E. कम होता है तो किसी सेक्टर का अधिक | जैसे – कंज्यूमर सेक्टर में सामान्यतः R.O.C.E. अपेक्षाकृत कम होती है तथा IT सेक्टर में अधिक होती है |

अब चूँकि निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में हमेशा डायवर्सिफिकेशन  करके निवेश करना चाहिए | इस कारण से आपको सेक्टर वाइज ROCE का एनालिसिस करना चहिये |

ROCE के 100 के ऊपर होने का क्या अर्थ है?

वैसे वास्तविकता में तो मुझे ये संभव नहीं लगता है कि किसी कंपनी का ROCE 100 या 100 के पार हो जाये | लेकिन चलिए हम मान लेते है कि किसी कंपनी का ROCE 100 के पार पहुँच जाता है तो इसका अर्थ है कि कंपनी द्वारा अपने बिजनेस में जितना पूंजी नियोजित किया गया है, कंपनी उतना ही प्रॉफिट कमा रही है जो वास्तव में संभव नहीं | कैंडलस्टिक पैटर्न

इस लेख से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

किसी भी कंपनी का ROCE कितना होना चाहिए?

हमने बहुत सारी वेबसाइट तथा youtube का अध्ययन किया है | ज्यादातर लोगो द्वारा बताया जाता है किसी कंपनी का ROCE 15 प्रतिशत तक होना चाहिए | लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि जिस कंपनी का ROCE 20 प्रतिशत से ऊपर होता है उन्हें अच्छी कंपनी माना जाना चाहिए |

ROCE से क्या मतलब है?

ROCE(Return On Capital Employed) एक ऐसा फाइनेंसियल अनुपात है जो हमें यह बताता है कि कंपनी अपने बिज़नेस में लगे पूंजी की तुलना में कितने प्रतिशत रिटर्न कमा रही है | दुसरे शब्दों कहा जाय तो किसी कंपनी का ROCE(Return On Capital Employed) हमें यह बताता है कि कंपनी अपने बिजनेस में लगे पूंजी को कितने बेहतर तरीके से उपयोग कर रही है |

ROCE का अच्छा नंबर क्या होता है?

ROCE का अच्छा नंबर 20 से अधिक होता है | हमने बहुत सारी वेबसाइट तथा youtube का अध्ययन किया है | ज्यादातर लोगो द्वारा बताया जाता है किसी कंपनी का ROCE 15 प्रतिशत तक होना चाहिए | लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि जिस कंपनी का ROCE 20 प्रतिशत से ऊपर होता है उन्हें अच्छी कंपनी माना जाना चाहिए |

हाई ROCE अच्छा है या बुरा?

हाई ROCE अच्छा होता है | जिस कंपनी का ROCE जितना अधिक होता है वो कंपनी उतना ही अच्छा होता है | कम से कम 20 ROCE वाली कंपनी को अच्छी कंपनी माना जाता है |

कोई कंपनी अपने ROCE को कैसे सुधार सकती है?

किसी कंपनी को यदि अपना ROCE सुधारना है तो उन्हें या तो अपने बिजनेस की लागत कम करनी होगी या कंपनी को अपने प्रॉफिट को बढ़ाना पड़ेगा | किसी कंपनी को अपने बिजनेस में लगे अनावश्यक लागत को कम करके अच्छा मुनाफा कमाना अच्छा होता है |

100 से ऊपर आरओसीई का क्या मतलब है?

वैसे वास्तविकता में तो मुझे ये संभव नहीं लगता है कि किसी कंपनी का ROCE 100 या 100 के पार हो जाये | लेकिन चलिए हम मान लेते है कि किसी कंपनी का ROCE 100 के पार पहुँच जाता है तो इसका अर्थ है कि कंपनी द्वारा अपने बिजनेस में जितना पूंजी नियोजित किया गया है, कंपनी उतना ही प्रॉफिट कमा रही है |

आज हमने जाना(Today We Learned)

मेरे प्रिय पाठकों आज के इस लेख “ROCE क्या है? ROCE Meaning In Hindi” में हम सबने जाना कि शेयर बाज़ार में R.O.C.E.(Return On Capital Employed) क्या होता है, किसी कंपनी R.O.C.E. कैसे ज्ञात किया जाता है, यदि किसी कंपनी का R.O.C.E. 35 है तो इसका क्या अर्थ है |

मै आशा करता हूँ कि अब आपको ROCE अर्थात नियोजित पूंजी पर रिटर्न(Return On Capital Employed) से जुड़े सभी सवालों के जबाब मिल गए होंगे साथ ही हम आशा करते है कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा है | यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों तथा रिश्तेदारों के साथ अवश्य शेयर करें |

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हेल्लो दोस्तों, मै पिछले 8 वर्षो से शेयर बाज़ार में निवेश तथा रिसर्च कर रहा हूँ | मै अपने अनुभव को Finohindi के माध्यम से आपके साथ सच्चाई के साथ सीधे तथा साफ शब्दों में बाटना चाहता हूँ | यदि आप शेयर बाज़ार में निवेश, ट्रेड करते है या आपकी शेयर बाज़ार में रूचि है तो आप सही जगह पर है

2 thoughts on “ROCE क्या है? ROCE Meaning in Hindi”

  1. आपका लेख जो PE Ratio और ROCE से संबंधित था, पढ़ा बहुत अच्छा लगा।

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    • नमस्कार Deepak Manki जी,
      अपना कीमती समय हमारी इस Finoहिंदी वेबसाइट पर देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद | हमारा आपसे निवेदन है कि कृपया हमें इसी तरह प्रोत्साहित करते रहे | हो सके तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें | thanks

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